नव चंडी (दुर्गा सप्तशती) पाठ व हवन

₹ 25,000
नौ चंडी (दुर्गा सप्तशती) पाठ ‘संकल्प’ एवं हवन के साथ नौ वैदिक ब्राह्मणों के द्वारा
मां दुर्गा के भक्तों में दुर्गा सप्तशती का पाठ अत्यंत लोकप्रिय है. मार्कंडेय पुराण में वर्णित दुर्गा सप्तशती के पाठ का प्रभाव समस्त हिंदुओं में ज्ञात है और जीवन की समस्त बाधाओं को, समस्याओं को दूर करने में मां दुर्गा का चरित्र, जिस तरह से चंडी में या दुर्गा सप्तशती में वर्णित है, का पाठ पूरी तरह से सक्षम है इसीलिए मां दुर्गा के भक्त अपने कष्टों को दूर करने के लिए और अपने जीवन में शुभता और संपूर्णता लाने के लिए दुर्गा सप्तशती का पाठ या चंडी का पाठ कराने के लिए बराबर तत्पर रहते हैं
चंडी का पाठ या दुर्गा सप्तशती का पाठ यदि संपूर्ण विधि विधान से किया जाए तो यह अत्यंत चमत्कारिक माना जाता है और इसके चमत्कारिक परिणाम मां दुर्गा के भक्त अपने जीवन में अनेकानेक बार अनुभव करते रहते हैं और यही पाठ अगर संपूर्ण विधि विधान के साथ ना हो वैदिक ब्राह्मणों के द्वारा किया जाएगा इसका प्रभाव असीमित और अपरिमित हो जाता है और फिर अगर यही पाठ आपके लिए विशिष्ट रूप से संकल्पित करके संविधान से पूर्ण किया जाए और उसके पश्चात उस पाठ की समाप्ति सभी नव वैदिक ब्राह्मणों द्वारा हवन के साथ की जाए तो उसके प्रभाव के क्या कहने और यह सब कुछ अगर विंध्याचल जैसे पवित्र शक्तिपीठ में हो तो भक्तों को मिलने वाले प्रभाव का वर्णन करना असंभव हो जाता है यानी अत्यधिक हो जाता है
चंडी या दुर्गा सप्तशती के पाठ की दक्षिणा का भुगतान करते ही आपके नाम का संकल्प पढ़कर नौ विद्वान ब्राह्मण आपके लिए चंडी या दुर्गा सप्तशती का संपूर्ण पाठ पूरे विधि विधान से करते हैं और इसमें शास्त्र में बताई गई सारी प्रक्रियाओं का पालन किया जाता है. पाठ के उपरांत आपके लिए विशिष्ट रूप से सभी उपयुक्त हवन सामग्री के साथ इस आयोजन की समाप्ति के रूप में हवन या होम भी किया जाता है जिसमें सारी वैदिक प्रक्रियाओं का पूर्णरूपेण पालन होता है
यह संपूर्ण आयोजन इस तरह से किया जाता है कि जिससे आपको इस पाठ का फल पूर्ण रूप से मिले पाठ के उपरांत आपको पाठ का चित्र या वीडियो भी भेजा जाता है जिसे आप इस पवित्र कार्य की मधुर स्मृति के रूप में अपने पास रख सकते है
मां दुर्गा के भक्तों में दुर्गा सप्तशती का पाठ अत्यंत लोकप्रिय है. मार्कंडेय पुराण में वर्णित दुर्गा सप्तशती के पाठ का प्रभाव समस्त हिंदुओं में ज्ञात है और जीवन की समस्त बाधाओं को, समस्याओं को दूर करने में मां दुर्गा का चरित्र, जिस तरह से चंडी में या दुर्गा सप्तशती में वर्णित है, का पाठ पूरी तरह से सक्षम है इसीलिए मां दुर्गा के भक्त अपने कष्टों को दूर करने के लिए और अपने जीवन में शुभता और संपूर्णता लाने के लिए दुर्गा सप्तशती का पाठ या चंडी का पाठ कराने के लिए बराबर तत्पर रहते हैं
चंडी का पाठ या दुर्गा सप्तशती का पाठ यदि संपूर्ण विधि विधान से किया जाए तो यह अत्यंत चमत्कारिक माना जाता है और इसके चमत्कारिक परिणाम मां दुर्गा के भक्त अपने जीवन में अनेकानेक बार अनुभव करते रहते हैं और यही पाठ अगर संपूर्ण विधि विधान के साथ ना हो वैदिक ब्राह्मणों के द्वारा किया जाएगा इसका प्रभाव असीमित और अपरिमित हो जाता है और फिर अगर यही पाठ आपके लिए विशिष्ट रूप से संकल्पित करके संविधान से पूर्ण किया जाए और उसके पश्चात उस पाठ की समाप्ति सभी नव वैदिक ब्राह्मणों द्वारा हवन के साथ की जाए तो उसके प्रभाव के क्या कहने और यह सब कुछ अगर विंध्याचल जैसे पवित्र शक्तिपीठ में हो तो भक्तों को मिलने वाले प्रभाव का वर्णन करना असंभव हो जाता है यानी अत्यधिक हो जाता है
चंडी या दुर्गा सप्तशती के पाठ की दक्षिणा का भुगतान करते ही आपके नाम का संकल्प पढ़कर नौ विद्वान ब्राह्मण आपके लिए चंडी या दुर्गा सप्तशती का संपूर्ण पाठ पूरे विधि विधान से करते हैं और इसमें शास्त्र में बताई गई सारी प्रक्रियाओं का पालन किया जाता है. पाठ के उपरांत आपके लिए विशिष्ट रूप से सभी उपयुक्त हवन सामग्री के साथ इस आयोजन की समाप्ति के रूप में हवन या होम भी किया जाता है जिसमें सारी वैदिक प्रक्रियाओं का पूर्णरूपेण पालन होता है
यह संपूर्ण आयोजन इस तरह से किया जाता है कि जिससे आपको इस पाठ का फल पूर्ण रूप से मिले पाठ के उपरांत आपको पाठ का चित्र या वीडियो भी भेजा जाता है जिसे आप इस पवित्र कार्य की मधुर स्मृति के रूप में अपने पास रख सकते है