Best time to visitविवरण: विंध्याचल की यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय, ताकि आपको सुविधाजनक ढंग से माँ विंध्यवासिनी का आशीर्वाद मिले।
विंध्याचल में स्थित मां विंध्यवासिनी मंदिर बिना किसी अपवाद के वर्ष के सभी दिनों में खुला रहता है और यह न तो किसी त्योहार पर और न हीं सप्ताह में किसी दिन जैसे रविवार आदि को बंद होता है।
हालांकि यदि आप उत्तर भारत में लोकप्रिय त्योहार होली के दिन और होली के 1 दिन पूर्व पूर्णमासी के दिन विंध्याचल की यात्रा कर रहे हैं तो आपको विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
उत्तर भारत की परंपरा के अनुसार लोग आप पर गीला या सूखा रंग फेंक सकते हैं, जिससे आपके कपड़े खराब हो सकते हैं और आपके लिए यह अत्यंत असुविधाजनक हो सकता है। इसलिए यदि आप होली पर मां विंध्यवासिनी मंदिर आ रहे हैं तो इस संबंध में ध्यान रखें।
मौसम के हिसाब से विंध्याचल में आने का अच्छा समय सर्दियों में है जब उत्तर भारत के अन्य स्थानों की तरह विंध्याचल में भी तापमान और वातावरण थोड़ा सुखद हो जाता है लेकिन यदि आप ऐसे स्थान से आ रहे हैं जहां पर सर्दी नहीं पड़ती तो आप को इस ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों की आवश्यकता पड़ सकती है।
आप ग्रीष्म काल में यानी गर्मियों के मौसम में भी विंध्याचल आ सकते हैं, लेकिन विंध्य पर्वत पर स्थित काली खोह, अष्टभुजा आदि स्थानों पर चिलचिलाती गर्मी कभी-कभी कष्टप्रद हो जाती है।
यदि आप विंध्य पर्वत श्रृंखला के आसपास के क्षेत्रों की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेना चाहते हैं, तो आपको वर्षा काल में जब बारिश के कारण विंध्य पर्वत क्षेत्र में हरियाली प्रचुर मात्रा में हो जाती है आना चाहिए। बरसात के समय विंध्य पर्वत पर कई झरने भी बहना शुरू कर देते हैं और साथ-साथ ही आप मोरों का भी सजीव नित्य विंध्य पर्वत पर देख सकते हैं।
मां विंध्यवासिनी मंदिर की यात्रा के लिए दोनों नवरात्रि ओं का समय धार्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है लेकिन इन दोनों त्योहारों पर विंध्याचल में आने वाली भारी भीड़ से आप कष्ट में पढ़ सकते हैं इसलिए यदि आप इस असुविधा से बचना चाहते हैं तो नवरात्रि में ना आए।
मंगलवार और पूर्णिमा के दिन भी विंध्याचल में काफी भीड़ होती है। इधर कुछ वर्षों से रविवार के दिन और अन्य छुट्टियों के दिन विंध्याचल आने की प्रवृत्ति निकट के शहरों में हो गई है जिस कारण से इन दिनों भी मंदिर में काफी भीड़ देखी जा सकती है, इसलिए यदि आप मां विंध्यवासिनी के दर्शन के समय भारी भीड़ से बचना चाहते हैं तो आपको इन दिनों में विंध्याचल आने से बचना चाहिए।