Varanasi-Place
Mark-Twain

“बनारस इतिहास से भी पुराना है, परंपरा से भी पुराना है, यहाँ तक कि किंवदंतियों से भी पुराना है और इन सबको मिलाकर भी जितना पुराना होता है, उससे दोगुना पुराना दिखता है।”

- मार्क ट्वेन

काशी की पवित्र भूमि

भगवान शिव और देवी पार्वती का निवास स्थान

वाराणसी भगवान शिव और देवी पार्वती का दिव्य निवास स्थान है।

गंगा - पापों को धोने वाली

माना जाता है कि गंगा नदी इंसानों के पापों को धो देती है और मोक्ष दिलाती है।

भगवान शिव की जटाओं से उत्पत्ति

कहा जाता है कि गंगा नदी भगवान शिव की जटाओं से निकलती है और यहाँ अपनी दिव्य महिमा के साथ बहती है।

मुक्ति और मोक्ष

हिंदुओं का मानना ​​है कि जो व्यक्ति वाराणसी की भूमि पर प्राण त्यागता है, उसे मोक्ष और जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति मिलती है।

पार्श्वनाथ का जन्मस्थान

जैन धर्म के अनुयायियों के लिए भी तीर्थ स्थल, वाराणसी 23वें तीर्थंकर पार्श्वनाथ का जन्मस्थान है।

The-Sacred-Land-of-Kashi

ज्ञान और सभ्यता की विरासत

3000 से ज़्यादा सालों से वाराणसी शिक्षा, दर्शन, कला, भक्ति और संस्कृति का केंद्र रहा है।

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पास ही सारनाथ है, जहाँ बुद्ध ने अपना पहला उपदेश दिया था।

जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर पार्श्वनाथ का जन्मस्थान।

यहाँ वैष्णव और शैव धर्म मिल-जुलकर साथ-साथ रहे हैं।

आध्यात्मिकता, रहस्यवाद, संस्कृत, योग और हिंदी से जुड़ाव।

सम्मानित लेखक - प्रेमचंद और तुलसीदास (रामचरितमानस)।

भारत की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में जाना जाता है।

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कला, संगीत और भक्ति का शहर

वाराणसी से संगीत और नृत्य के कई महान कलाकार निकले हैं।
उनकी विरासत इस पवित्र शहर की गलियों और घाटों में आज भी गूंजती है।

रवि शंकर

दुनिया भर में मशहूर सितार वादक

उस्ताद बिस्मिल्लाह खान

मशहूर शहनाई वादक

मंदिर, शिक्षा और सदाबहार विरासत

मंदिरों का शहर

अनगिनत मंदिरों और पवित्र धार्मिक स्थलों का सुंदर शहर।

थियोसोफिकल सोसाइटी

श्रीमती एनी बेसेंट ने अपनी थियोसोफिकल सोसाइटी के लिए वाराणसी को चुना।

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी

पंडित मदन मोहन मालवीय ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी की स्थापना की।

Banaras-Hindu-University-in-Varanasi
आयुर्वेद का जन्मस्थान

माना जाता है कि आयुर्वेद की शुरुआत यहीं से हुई थी और यह आधुनिक विज्ञान का आधार है।

महर्षि पतंजलि

आयुर्वेद और योग के गुरु, महर्षि पतंजलि का भी वाराणसी से गहरा नाता था।

Maharshi-Patanjali-in-Varanasi
रेशम और हस्तशिल्प

यह शहर प्राचीन काल से ही अपने रेशम और सोने-चाँदी के ब्रोकेड के लिए मशहूर है।

वाराणसी की खासियत का अनुभव करें

दिव्य घाट

Spiritual-Aarti-in-Varanasi

आध्यात्मिक आरती

Ancient-Streets-in-Varanasi

पुरानी गलियाँ

सारनाथ - 10 किमी दूर

Ancient-Temples-in-Varanasi

प्राचीन मंदिर

Banarasi-Silks-in-Varanasi

बनारसी सिल्क

Varanasi-is-an-external-experience-of-Devotion-Liberation-and-Knowledge