“बनारस इतिहास से भी पुराना है, परंपरा से भी पुराना है, यहाँ तक कि किंवदंतियों से भी पुराना है और इन सबको मिलाकर भी जितना पुराना होता है, उससे दोगुना पुराना दिखता है।”
- मार्क ट्वेन
काशी की पवित्र भूमि
ज्ञान और सभ्यता की विरासत
3000 से ज़्यादा सालों से वाराणसी शिक्षा, दर्शन, कला, भक्ति और संस्कृति का केंद्र रहा है।
कला, संगीत और भक्ति का शहर
वाराणसी से संगीत और नृत्य के कई महान कलाकार निकले हैं।
उनकी विरासत इस पवित्र शहर की गलियों और घाटों में आज भी गूंजती है।
मंदिर, शिक्षा और सदाबहार विरासत
वाराणसी की खासियत का अनुभव करें
दिव्य घाट
आध्यात्मिक आरती
पुरानी गलियाँ
सारनाथ - 10 किमी दूर
प्राचीन मंदिर
बनारसी सिल्क