दुर्गा सहस्त्र नामावली- विशिष्ट

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एक दुर्गा सहस्त्र (हजार) नामावली पाठ ‘संकल्प’, हवन एवं नामोच्चारण के साथ साथ सहस्त्र फूलों के अर्पण के साथ
मां दुर्गा के हजार नामों के पाठ की महिमा अनंत है हर शास्त्र में इसकी महत्ता के बारे में विस्तार से बताया गया है जब मां दुर्गा का एक बार नाम लेने से ही अनेकानेक जन्मों के पाप कट जाते हैं तो फिर अगर उनके हजार नामों का पाठ किया जाए तो उसके फल को का क्या कहना।
अनुभवी लोग कहते हैं कि मां दुर्गा के इन हजार नामों के पाठ के साथ ही भक्तों के सारे कष्ट उसी तरह खत्म हो जाते हैं जैसे कि सूर्योदय के होने के बाद अंधेरा समाप्त हो जाता है भक्त जिसके नाम से यह हजार नामों के पाठ किए जाते हैं उसके जीवन में संपूर्ण सुख की प्राप्ति होती है और मां दुर्गा की असीम और अनंत कृपा से उसका जीवन आनंददायी हो जाता है।
इन हजार नामों के पाठ का फल तब और भी ज्यादा हो जाता है जब यह पाठ विंध्याचल जैसे पवित्र और प्रसिद्ध शक्तिपीठ में संपूर्ण विधि विधान के साथ किया जाता है अनेकानेक भक्तों ने यह पाठ करा कर के अपने जीवन को सुखमय बनाया हुआ है और कहीं मां दुर्गा के सहस्त्रनाम के पाठ के साथ ही अगर विधि विधान से और संपूर्ण सामग्री के साथ हवन या होम भी किया जाए तो फिर क्या कहना।
लेकिन अगर इन्हीं हजार नामों के साथ मां दुर्गा की विशिष्ट अर्चना हजार फूलों से भी की जाए तो फिर मां की असीम कृपा प्राप्त होने से कोई भी रोक नहीं सकता है कहा जाता है कि भगवान राम ने भी रावण से युद्ध के पूर्व मां विंध्यवासिनी की कृपा प्राप्त करने के लिए इसी तरह से मां दुर्गा की पूजा की थी उन्होंने हजार फूलों के साथ मां दुर्गा के हजार नाम का जप किया और हवन किया था यदि आप भगवान राम की तरह अपने जीवन की समस्याओं से पार पाना चाहते हैं और संपूर्ण बाधाओं को समाप्त करके विजयश्री प्राप्त करना चाहते हैं तो आप इस प्रक्रिया को अपने नाम से विंध्याचल में करवा करके अपने सौभाग्य का मार्ग खोल सकते हैं |
इस प्रक्रिया की दक्षिणा का भुगतान करते ही हमारे विद्वान ब्राह्मण संकल्प पढ़कर आपके लिए दुर्गा सहस्त्रनामावली का संपूर्ण पाठ शास्त्रीय विधि विधान से करते हैं,इस प्रक्रिया में मां दुर्गा के हर नाम के साथ एक विशिष्ट पुष्प भी अर्चित करके मां दुर्गा को या मां विंध्यवासिनी को समर्पित किया जाता है, फिर उसके बाद आपके लिए ही बहुत ही शुद्ध विधि से हवन या होम भी किया जाता है जिससे आपके लिए किया हुआ संपूर्ण पवित्र कार्य देवताओं तक और विशेषकर मां विंध्यवासिनी तक पहुंच जाए और आपको मां विंध्यवासिनी की असीम कृपा प्राप्त हो। पाठ और हवन के उपरांत इस पाठ और हवन का चित्र या वीडियो आप तक भेज दिया जाता है जिसे आप इस पवित्र कार्य की शुभ स्मृति के रूप में अपने पास रख सकते हैं|
मां दुर्गा के हजार नामों के पाठ की महिमा अनंत है हर शास्त्र में इसकी महत्ता के बारे में विस्तार से बताया गया है जब मां दुर्गा का एक बार नाम लेने से ही अनेकानेक जन्मों के पाप कट जाते हैं तो फिर अगर उनके हजार नामों का पाठ किया जाए तो उसके फल को का क्या कहना।
अनुभवी लोग कहते हैं कि मां दुर्गा के इन हजार नामों के पाठ के साथ ही भक्तों के सारे कष्ट उसी तरह खत्म हो जाते हैं जैसे कि सूर्योदय के होने के बाद अंधेरा समाप्त हो जाता है भक्त जिसके नाम से यह हजार नामों के पाठ किए जाते हैं उसके जीवन में संपूर्ण सुख की प्राप्ति होती है और मां दुर्गा की असीम और अनंत कृपा से उसका जीवन आनंददायी हो जाता है।
इन हजार नामों के पाठ का फल तब और भी ज्यादा हो जाता है जब यह पाठ विंध्याचल जैसे पवित्र और प्रसिद्ध शक्तिपीठ में संपूर्ण विधि विधान के साथ किया जाता है अनेकानेक भक्तों ने यह पाठ करा कर के अपने जीवन को सुखमय बनाया हुआ है और कहीं मां दुर्गा के सहस्त्रनाम के पाठ के साथ ही अगर विधि विधान से और संपूर्ण सामग्री के साथ हवन या होम भी किया जाए तो फिर क्या कहना।
लेकिन अगर इन्हीं हजार नामों के साथ मां दुर्गा की विशिष्ट अर्चना हजार फूलों से भी की जाए तो फिर मां की असीम कृपा प्राप्त होने से कोई भी रोक नहीं सकता है कहा जाता है कि भगवान राम ने भी रावण से युद्ध के पूर्व मां विंध्यवासिनी की कृपा प्राप्त करने के लिए इसी तरह से मां दुर्गा की पूजा की थी उन्होंने हजार फूलों के साथ मां दुर्गा के हजार नाम का जप किया और हवन किया था यदि आप भगवान राम की तरह अपने जीवन की समस्याओं से पार पाना चाहते हैं और संपूर्ण बाधाओं को समाप्त करके विजयश्री प्राप्त करना चाहते हैं तो आप इस प्रक्रिया को अपने नाम से विंध्याचल में करवा करके अपने सौभाग्य का मार्ग खोल सकते हैं |
इस प्रक्रिया की दक्षिणा का भुगतान करते ही हमारे विद्वान ब्राह्मण संकल्प पढ़कर आपके लिए दुर्गा सहस्त्रनामावली का संपूर्ण पाठ शास्त्रीय विधि विधान से करते हैं,इस प्रक्रिया में मां दुर्गा के हर नाम के साथ एक विशिष्ट पुष्प भी अर्चित करके मां दुर्गा को या मां विंध्यवासिनी को समर्पित किया जाता है, फिर उसके बाद आपके लिए ही बहुत ही शुद्ध विधि से हवन या होम भी किया जाता है जिससे आपके लिए किया हुआ संपूर्ण पवित्र कार्य देवताओं तक और विशेषकर मां विंध्यवासिनी तक पहुंच जाए और आपको मां विंध्यवासिनी की असीम कृपा प्राप्त हो। पाठ और हवन के उपरांत इस पाठ और हवन का चित्र या वीडियो आप तक भेज दिया जाता है जिसे आप इस पवित्र कार्य की शुभ स्मृति के रूप में अपने पास रख सकते हैं|